
घर-घर राधा घर-घर दामोदर।
विश्वगुरु-तत्त्वज्ञान पहुँचे हर घर।।



परमब्रह्म भगवान श्रीकृष्ण ही अद्वय ज्ञान तत्त्व हैं क्योंकि वह विजातीय, सजातीय एवं स्वगत भेदों से रहित हैं। वे स्वयं सिद्ध हैं, परम पूर्ण हैं अर्थात उनकी भगवत्ता किसी अन्य की भगवत्ता पर आश्रित नहीं है।
— कृष्णतत्त्ववेत्ता श्री तेजस्वी दास जी
हरिनाम का जप व कीर्तन करने से सभी प्रकार के पाप– संचित, प्रारब्ध, क्रियमाण, कूट, अप्रारब्ध और बीजत्व नष्ट हो जाते हैं। हरिनाम सभी पापों को जड़ से उखाड़ देता है, इसलिए हरिनाम का जप व कीर्तन प्रत्येक मनुष्य को करना चाहिए।
— कृष्णतत्त्ववेत्ता श्री तेजस्वी दास जी
जीव अपने आपको माया द्वारा सम्मोहित होकर त्रिगुणात्मक मानता है जबकि जीव चिद् रूप है और माया से श्रेष्ठ है। ऐसा मानने से जीव संसार रूपी विपद् में पतन को प्राप्त करता है, अनर्थ को स्वीकार करता है।
— कृष्णतत्त्ववेत्ता श्री तेजस्वी दास जी

कलियुग में केवल "हरिनाम" ही भगवद्प्राप्ति का और भगवान् को प्रसन्न करने का सर्वप्रमुख साधन है।
कृष्णतत्त्ववेत्ता श्री तेजस्वी दास जी

ज्ञानयोग, ध्यानयोग, वर्णाश्रम धर्म, तप और त्याग इन जड़ साधनों के द्वारा भगवान श्रीकृष्ण को वश में नहीं किया जा सकता केवल भक्ति ही एकमात्र चिन्मय व दिव्य साधन है जिसके द्वारा भगवान भक्त के वशीभूत हो जाते हैं।
— कृष्णतत्त्ववेत्ता श्री तेजस्वी दास जी




जगन्नाथ रथ यात्रा महोत्सव - 16 जुलाई 2026

नवदिवसीय रथ विहार
श्री जगन्नाथ जी की दैनिक सेवाओं में स्वैच्छिक वित्तीय सहयोग हेतु नीचे दिए गए संपर्क सूत्रों पर संपर्क करें:
संपर्क सूत्र (Contact)
श्री गौड़ीय वैष्णव व्रतोत्सव तालिका
श्री गौराब्द-540 एवं 2083 विक्रमी संवत
10 जुलाई 2026
श्री वास पंडित तिरोभाव: अर्द्ध उपवास
एकादशी स्मार्त व्रत के लिए अनुपयुक्त
11 जुलाई 2026
योगिनी एकादशी
पारण समय - 5:35 AM to 9:55 AM
15 जुलाई 2026
आषाढ़ शुक्ल प्रतिपदा
जगन्नाथ सेवालय में कीर्तन
16 जुलाई 2026
श्री जगन्नाथ रथ यात्रा दिवस
श्री जगन्नाथ दर्शन और भोग सेवा
25 जुलाई 2026
शयना एकादशी
पारण समय - 5:45 AM to 9:58 AM
29 जुलाई 2026
आषाढ़ पूर्णिमा, गुरु पूर्णिमा
श्रील सनातन गोस्वामी पाद तिरोभाव:- अर्द्ध उपवास
चातुर्मास पहला महीना प्रारंभ:- हरी पत्तेदार सब्ज़ियाँ निषेध
पूर्ण तालिका PDF — क्लिक करें

गीता भागवत प्रचार सेवा ट्रस्ट वृन्दावन
गीता भागवत प्रचार सेवा ट्रस्ट वृन्दावन की स्थापना कृष्णतत्त्ववेत्ता श्री तेजस्वी दास जी के द्वारा श्री बलराम पूर्णिमा के पावन अवसर पर सन् 2016 में वृन्दावन में की गई |
इस संस्था के शरणास्पद आचार्य विश्वगुरु श्रीलजीव गोस्वामी पाद जी है जो कि श्री गौड़ीय वैष्णव सम्प्रदाय के तत्त्वाचार्य एवं भगवान श्री चैतन्य महाप्रभु के परम कृपा पात्र है ।
GBPS एक आध्यात्मिक संस्था है जिसमें गीता - भागवत का ज्ञान विश्वगुरु श्रीलजीव गोस्वामी पाद जी के ग्रंथों (श्री भागवत संदर्भ और श्री गोपाल चम्पू) के अनुसार दिया जाता है |
GBPS श्री चैतन्य महाप्रभु द्वारा प्रवर्तित गौड़ीय वैष्णव सम्प्रदाय की एक जीवानुग शाखा है | इसके उपास्य तत्त्व श्री श्री राधाकृष्ण हैं |
इस संस्था में मानव जीवन के परम लक्ष्य गोलोक अथवा ब्रज प्रेम की प्राप्ति का उपाय या साधन के रूप में रागानुगा भक्ति को स्वीकार किया जाता है ।

GBPS
गीता भागवत प्रचार सेवा ट्रस्ट वृन्दावन
GBPS शुद्ध कृष्णभक्ति के प्रचार-प्रसार हेतु समर्पित है। हमारी प्रमुख विशेषताएँ निम्नलिखित हैं:

GBPS Trust
शुद्ध कृष्णभक्ति का प्रचार-प्रसार
सारमयी, विस्तारमयी, अतिविस्तारमयी और सर्वविस्तारमयी — इन चार शैलियों में श्रीमद्भागवत का गहन श्रवण व सिद्धांत-विवेचन किया जाता है।
ब्रज 84 कोस सहित पावन धामों की दर्शन यात्राएँ; नो प्रॉफिट–नो लॉस के सिद्धांत पर, धाम महिमा व भक्ति साधना हेतु।
आषाढ़ शुक्ल द्वितीया से दशमी तक भगवान जगन्नाथ, बलभद्र व सुभद्रा की भव्य रथयात्रा व नगर विहार का आयोजन।
शेष बिंदु (निस्वार्थ प्रचार, षट्संदर्भ व गोपाल चम्पू) विस्तार से इस पृष्ठ पर।